नई दिल्ली | 18 सितंबर 2026: सऊदी अरब और यमन के हूती संगठन के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच मक्का को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने मक्का की ओर बढ़ रहे एक हूती ड्रोन को मार गिराया। हालांकि हूती संगठन ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उसने मक्का को निशाना नहीं बनाया।
सऊदी अरब ने क्या दावा किया?
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, सऊदी एयर डिफेंस ने एक ड्रोन को मक्का के दक्षिण में इंटरसेप्ट किया और उसे नष्ट कर दिया, इससे पहले कि वह शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता।
सऊदी पक्ष ने इसे मक्का की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया और कहा कि पवित्र शहर की सुरक्षा उसके लिए “रेड लाइन” है।
सऊदी अधिकारियों ने इस घटना को हूतियों द्वारा मक्का को निशाना बनाने की कोशिश बताया है।
हूतियों ने आरोप को बताया झूठ
दूसरी तरफ, हूती संगठन ने सऊदी आरोप को साफ तौर पर खारिज कर दिया।
हूती अधिकारियों ने कहा कि संगठन ने मक्का को निशाना बनाकर कोई ड्रोन नहीं भेजा। हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने भी सऊदी दावे को “झूठ” और प्रचार बताया।
इसलिए फिलहाल घटना के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से-ड्रोन किसने लॉन्च किया और उसका वास्तविक लक्ष्य क्या था-पर दोनों पक्षों के दावे बिल्कुल अलग हैं।
क्या स्वतंत्र रूप से साबित हुआ है?
उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि सऊदी अधिकारियों ने एक ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की बात कही है।
लेकिन हूतियों द्वारा उस ड्रोन को मक्का को निशाना बनाकर भेजे जाने की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है जो निर्णायक रूप से यह स्थापित कर दे कि ड्रोन का लक्ष्य मक्का ही था या उसे हूतियों ने ही लॉन्च किया था। Reuters ने भी अपनी रिपोर्ट में सऊदी दावे और हूतियों के इनकार दोनों को दर्ज किया है।
ईरान ने भी उठाए सवाल
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि केवल किसी ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने का दावा अपने आप में किसी विशेष पक्ष पर जिम्मेदारी डालने के लिए पर्याप्त नहीं है।
ईरानी पक्ष ने यह भी कहा कि क्षेत्र में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें हमलों की जिम्मेदारी को लेकर विवाद रहा है।
विवाद के बीच सऊदी-हूती संघर्ष तेज
मक्का विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सऊदी अरब और हूतियों के बीच सैन्य टकराव बढ़ रहा है।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार हूती हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ है। दूसरी ओर हूतियों ने भी सऊदी हमलों के जवाब में कार्रवाई करने का दावा किया है।
17 सितंबर को सऊदी अधिकारियों ने बताया कि एक इंटरसेप्ट किए गए हूती ड्रोन का मलबा ताइफ प्रांत में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग घायल हुए। हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।
निष्कर्ष
मक्का ड्रोन मामले में फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने हैं।
सऊदी अरब का दावा: ड्रोन हूतियों ने मक्का की ओर भेजा था और उसे प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले मार गिराया गया।
हूतियों का दावा: उन्होंने मक्का को निशाना बनाकर कोई ड्रोन नहीं भेजा और सऊदी का आरोप झूठा है।
इसलिए जब तक स्वतंत्र और विश्वसनीय प्रमाण सामने नहीं आता, इस घटना को सीधे तौर पर “हूतियों ने मक्का पर हमला किया” या “सऊदी ने झूठ बोला” कहना तथ्यात्मक रूप से जल्दबाजी होगी।
स्थिति लगातार बदल रही है और आगे आने वाली स्वतंत्र जांच या नए प्रमाण इस विवाद को स्पष्ट कर सकते हैं।
Sources: Reuters, Associated Press, Al Jazeera Updated: 18 September 2026